एक पाठक की टिपण्णी : पोस्ट खंडन : नवाबों की होली सोने की पिचकारी से

10 मार्च 2009 को हमने हमारे मित्र फैज़ान सिद्दीकी का एक लेख भोपाल की नवाबी होली पर प्रकाशित कियाशीर्षक था नवाबों की होली सोने की पिचकारी से इस पोस्ट में नवाबी दौर में किस तरह होली मनाई जाती थी , मुख्यतः नवाब हमीदुल्लाह खान से जुड़ी जानकारी दी गई थी इस पोस्ट के एक हिस्से में लिखा था -


नवाब हमीदुल्ला खान इनके साथ होली मनाने के बाद सीहोर होली मनाने जाया करते थे। जो उस वक्त रियासत का एक हिस्सा हुआ करता था,सीहोर के कई हिस्सों में यहाँ से शुरू हुई परम्परा को आज भी पूरा किया जाता है और दूसरे दिन भी होली मनाई जाती है।



इस पर हमारे एक पाठक फुर्सत ने आपत्ति दर्ज कराई है और अपना पक्ष एक टिपण्णी के मध्यम से रखा है कुछ पुराने लोगों से और सीहोर जिले से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों से बात करने के बाद हमने पाया उनकी दी हुई जानकारी काफी हद तक सही है , इसीलिए उसे ज्यों का त्यों प्रस्तुत कर रहे हैं हम अपने पाठकों का धन्यवाद करते हैं जो संवाद में विश्वास करते हैं , और अपने विचार इस तरह अग्रेषित करते हैं


यह समझ लें की होली कोई एक दिन का त्यौहार नहीं है बल्कि पूरे 5 दिन का त्‍यौहार तो तिथियों के मान तिथियों के मान से ही है...........

आपकी गलत व भ्रामक जानकारी में सुधार कर लीजिये, नवाब के कारण तो होली संकट में है
नवाब हमीदुल्‍ला को होली का शोक था इसमें हमें इंकार नहीं है, वह सोने की पिचकारियों से होली खेलते थे इससे भी हमें कोई सरोकार नहीं ।
लेकिन नवाब साहब की सरपरस्‍ती कसीदे घड़ने वालों ने जो यह लिख दिया है कि नवाब साहब दूसरे दिन होली खेलने सीहोर जाते थे और आज भी इस कारण सीहोर में दूसरे दिन होली खेलने की परम्‍परा कायम है, वह लोग अपनी इस नाजायज भूल में सुधार कर लें ।
अव्‍वल तो इतिहास लिखने वाले को संस्‍कृति व परम्‍पराओं का भी ज्ञान होना चाहिये लेकिन जो सिर्फ साहब जी हजूरी करने के लिये ही लिख रहा हो उससे ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती ।
तथैव – यह समझ लें की होली कोई एक दिन का त्‍यौहार नहीं है बल्कि पूरे 5 दिन का त्‍यौहार तो तिथियों के मान से ही है। यह भी बता देना उचित है कि सीहोर में होली भोपाल से कई गुना ज्‍यादा उत्‍साह, उमंग व अपनी अनेक परम्‍पराओं के साथ मनाई जाती है, इसमें किसी राजा या नवाब की कोई देन नहीं है ।
मूल बात यह है कि सीहोर में ही नहीं बल्कि आसपास क्षेत्रों में पहले दिन गमी की होली मनती है और दूसरे ऐसी शानदार होली मनती है कि वह लोग जिन्‍हे होली खेलने का शोक हो, वह स्‍वयं ही सीहोर खींचे चले आते है.........

होली की यह अतिसामान्‍य जानकारी भी वह कथित इतिहासकार जान लें कि होली की पड़वा एकम को ‘‘गमी’’ की होली रहती है, पूरे देश में ही गमी की होली मनाई जाती है, सीहोर में आज भी पहले दिन गमी की होली पर विभिन्‍न जाति समाज के लोग अपनी-अपनी ‘’गैर’’ निकालते हैं, और उन घरों में जाते हैं जहां बीते वर्ष गमी अर्थात किसी की मृत्‍यु हुई हो ।
हिन्‍दु धर्म में यह परम्‍परा बता देना उचित होगा कि गमी वाले घरों के लिये सारे त्‍यौहार सामान्‍य रहते हैं लेकिन यदि वर्ष के बीच में होली आ जाये तो होली की एकम को जब समाज की गैर गमी वाले घर के लोगों को बाहर निकालकर गम भूल जाने की समझाईश देती तो इस दिन बाद आगामी सारे त्‍यौहार वह परिवार मना सकता है ।
मूल बात यह है कि सीहोर में ही नहीं बल्कि आसपास क्षेत्रों में पहले दिन गमी की होली मनती है और दूसरे ऐसी शानदार होली मनती है कि वह लोग जिन्‍हे होली खेलने का शोक हो, वह स्‍वयं ही सीहोर खींचे चले आते है। सीहोर में पूर्व वर्षों में 5 दिन की होली मनती थी, कथित इतिहासकार सोचे की क्‍या बाकी के 3 दिन क्‍या नवाब की याद में होली मनती होगी।
इसे नोट कर लें – कि अभी 9-10 वर्ष वर्ष 2000 के पूर्व तक सीहोर से लगी हुई आष्‍टा तहसील में तो होली की धूम इतनी जबर्दस्‍त रहती थी कि पूरे 5 दिन तक बाजार बंद रहता था प्रतिदिन होली होती थी, लेकिन अभी 10 वर्ष पूर्व बैठक करके निर्णय लिया गया कि 5 दिन होली शहर के अलग-अलग हिस्‍सों में बांटकर होगी, अब वहां भी जिसे होली पसंद होती है वह पूराने आष्‍टा नगर को छोड़ जहां होली हो रही होती है उस मोहल्‍ले क्षेत्र में चला जाता है, ठीक वैसे ही है जैसे नवाब सीहोर आ जाते थे ।
...मूर्ख इतिहासकारों के कारण आज आम स्‍वाभिमानी सीहोर का नागरिक पारम्‍परिक होली खेलते हुए परेशानी महसूस करता है, उसे चारों और होली के विरोधियों द्वारा यह स्‍वर सुनाई देता है कि नवाब की होली खेल रहे हो.........

यदि नवाब सीहोर में आकर होली खेलता था तो यही कहा जाना चाहिये कि नवाब होली खेलने के शोक में सीहोर में होली खेलने चले जाया करते थे, उनके कारण सीहोर में होली होती यह कहना ना सिर्फ गलत, भ्रामक, असत्‍य है बल्कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ भी है ।
इन्‍ही कथित इतिहासकारों के कारण आज सीहोर में दूसरे दिन की होली संकट के दौर से गुजर रही है, क्‍योंकि यहां पहले दिन गमी की होली का इतना महत्‍व है कि इस दिन सामान्‍य कम लोग होली खेलते हैं लेकिन दूसरे दिन हर हुरियारा सड़क पर होता है, ऐसे में प्रशासन, पुलिस बल हर कोई यह चाहता है कि होली की मस्‍ती कम हो, प्रशासन व पुलिस बल लगातार होली के सप्‍ताह भर पहले से यह कहना शुरु कर देता है कि सीहोर के लोग आज भी नवाब की याद में होली खेल रहे हैं, एक नया सिपाही भी यहां आता है जिसे सीहोर का इतिहास नहीं मालूम हो, वह तक नई उम्र के हुरियारों से कहता है कि नवाब खेलते आते थे इसलिये यहां होली हो रही है, कुछ नये लोग जिन्‍हे होली से घबराहट होती है वह भी खुद को बचाने के लिये कह देते हैं कि हम नवाब की होली क्‍यों खेलें

मूर्ख इतिहासकारों के कारण आज आम स्‍वाभिमानी सीहोर का नागरिक पारम्‍परिक होली खेलते हुए परेशानी महसूस करता है, उसे चारों और होली के विरोधियों द्वारा यह स्‍वर सुनाई देता है कि नवाब की होली खेल रहे हो।
क्षमा प्रार्थना सहित – निवेदन है कि आपके चिट्ठे पर सरपरस्‍ती में लिखा गया उक्‍त लेख व विषय उचित है लेकिन उसमें यह उल्‍लेख किया जाना गलत है कि सीहोर के कई हिस्‍सो मे आज भी वह परम्‍परा निभाई जाती है........ ।

हर घर में होली होती है, और इतनी होती है कि एक बार हिम्‍मत करके आप आकर तो देखिये........ रंगपंचमी पर भी चाहे तो आ सकते हैं । सोने की पिचकारियां भूल जायेंगे.........
अरे आपको मालूम भी नहीं है कि दूसरे दिन सीहोर के हर एक हिस्‍से में, हर घर में होली होती है, और इतनी होती है कि एक बार हिम्‍मत करके आप आकर तो देखिये........रंगपंचमी पर भी चाहे तो आ सकते हैं । सोने की पिचकारियां भूल जायेंगे।

हमारे ब्लॉग का नया रूप कैसा लगा ज़रूर बताएं


नए लेख ईमेल से पाएं
चिटठाजगत पर पसंद करें
टेक्नोराती पर पसंद करें
इस के मित्र ब्लॉग बनें

चाँदी के वरक में लपटा भारत

लवाइयों ने हमें एकाधिक स्वादों से तो परिचित कराया है, वे मिठाई बनने के बाद उसे सुंदर बनने के लिए उसपर चांदी का एक वरक चढा देते हैं और ये ही वरक मिठाई को कृत्रिम रूप से ताज़ा दिखाने में भी इस्तेमालहोता है . बहुत दीनो बाद कल डाक घर जाने का मौका मिला, डाक घर अब नया हो चुका है, नई कुर्सियाँ , दीवारों पर नया पैंट और बाबुओं के काउंटर का रंग भी बदल गया है . कुर्सियाँ चाँदी के रंग मैं हैं और काउंटरों का रंगलाल है . दरअसल सिर्फ़ इतना ही बदला है , कार्य करने की गति और तरीके में कोई ख़ासा फ़र्क नहीआया है । खैरमैं ये कहना चाहता हूँ की आज हमारा भारत जितना विकसित है उससे ज़्यादा उसपर चाँदी की वरक चड़ा कर दिखाजा रहा है . पुरानी इमारतों में उपर से सनबोर्ड लगाकर नया रूप तो दे दिया जाता है पर असल में बदलता कुछ नहीहै .हमारी सरकार ही नही हम खुद ही अपने आप को इस धोके से बाहर नही निकालने चाहते . हम भारतीयों कोचमक ने हमेशा से अपनी और आकर्षित किया है , हम आज भी हर चमकती हुई चीज़ को सोना मानने से नहीचूकते ।
चु नाव हमे बदलाव का सबसे बड़ा रास्ता नज़र आते हैं जिसे लोकतंत्र का उत्सव भी कहा जाता था . पर हमबदलना क्या चाहते हैं सरकार,क्या करेगी नई सरकार भी आ कर , लोग तो घुमा फिरा कर वो ही हैं ना . मुझे सागर निज़ामी की एक नज़्म के मध्यम से अपनी बात आगे बढ़ना अच्छा लगेगा . धन्यवाद


उठो और उठ के निज़ामे जहाँ बदल डालो ,
ये आसमान ये ज़मीन ये मकां बदल डालो ।
ये बिजलियाँ हैं पुरानी ये बिजलियाँ फूंको ,
ये आशियाँ है कदिम आशियाँ बदल डालो ।
गुलों के रंग मैं आग पंखुड़ी में शराब ,
कुछ इस तरह रविशे गुलसिताँ बदल डालो ।
मिज़ाज़--काफिला बदला तो क्या कमाल किया ,
मिज़ाज़--रहबारे कारवाँ बदल डालो ।
'हयात' कोई कहानी नही हक़ीकत है,
इस एक लफ्ज़ से कुल दास्ताँ बदल डालो ।

बिना स्पेस दिए रोमन टेक्स्ट हिन्दी मैं बदलें

एक कमेन्ट के माध्यम से दिनेशराय जी ने ये जानने में उत्सुकता ज़ाहिर की थी के यदि सामग्री रोमन में लिखीहो तो उसे यूनिकोड में कनवर्ट करने के लिए बिना बार बार स्पेस दिए कोई तरीका है , मुझे एक तरीका मिल गयाहै , सब से साझा कर रहा हूँ , कभी भी ज़रूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते है
<span title=

विधी - अपनी पहले से ही टाइप किया हुई सामग्री को अपने ब्लोगर के पोस्ट एडिटर बॉक्स में पेस्ट करें जोकुछ ऐसी दिखेगी
vidhi - apni pehle se hi tipe ki hui samagri ko apne post editor box main paste karein jo kuch aisi dikhegi
इसके बाद उस पूरे टाइप किए हुए मैटर को सेलेक्ट कर लें और Ctrl+G दबाएँ , आपका टेक्स्ट तुंरत परिवर्तित होजाएगा और नया हिन्दी मैं लिखा हुआ मैटर जाएगा ,
है ना आसान.. बार बार स्पेस दबाना और कुछ ...
प्रयोग कर के बताएं कैसा रहा


नए लेख ईमेल से पाएं
चिटठाजगत पर पसंद करें
टेक्नोराती पर पसंद करें
इस के मित्र ब्लॉग बनें

ब्लोगिंग शब्दावली

इस पोस्ट के माध्यम से हमारा प्रयास ब्लॉग और ब्लागिंग से जुडी कुछ शब्दावली हिंदी में समझने का है. दरअसल मेरा मानना है की जब व्यक्ति को उसके कार्य का अर्थ पता होता है तो उस कार्य को करने में उसकी उर्जा बढ़ जाती है ,
निचे लिखे सभी शब्द आम ब्लोगिंग सन्दर्भों में प्रयोग किये जाते हैं , आपको कोई नए शब्द सूझें या कोई सुधर हो तो ज़रूर बताएं , इस पोस्ट के सन्दर्भ में शब्दकोष का प्रयोग सही नहीं लगता पर इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसा हिंदी शब्दकोष बनाने की भूमिका रखना चाहता हूँ .

ब्लोगिंग / चिट्ठाकारिता

* वेबलॉग -एक ऑनलाइन डायरी जिसमे किसी विषय पर या कई विषयों पर लेख लगातार प्रकाशित होते रहते हैं ।
* ब्लॉग - वेबलॉग का लघु( छोटा ) रूप
* ब्लोगिंग - ब्लॉग पर सामग्री प्रकाशित करने का कार्य
* ब्लोगर - वो व्यक्ति जो ब्लोगिंग करता है
* ब्लोगोस्फेयर - अन्तर जाल पर ब्लॉग समाज

ब्लोगिंग के रूप

* फोटो ब्लोगिंग - ऐसा ब्लॉग जो मुख्यतः फोटो प्रकाशित करता है ,ये फोटो ब्लोगेर्स और चित्रों पर ध्यान देता है- इसे चलने वाले अक्सर फोटो ब्लोगर कहलाते हैं ।
* पॉडकास्टिंग -एक ऐसा तरीका जिससे हम अपनी दृश्य और श्रव्य कृतियाँ प्रस्तुत करते हैं और दर्शक या श्रोता उसे ऑनलाइन स्ट्रीम या अपने कम्प्यूटर पर डाउनलोड कर देख सकता है । पोडकास्ट करने वाले अक्सर पॉडकास्टर कहलाते हैं
* ऑटोकास्टिंग - ये पोड कास्टिंग का एक स्वचालित रूप है ।
* ब्लॉगकास्टिंग - जब ब्लॉग और पोडकास्ट एक ही ब्लॉग पर होते हैं तो उसे ब्लॉग कास्टिंग कहते हैं
* व्लोगिंग - इसे विडियो ब्लोगिंग भी कहते हैं , विडियो इसकी एक मात्र सामग्री होती है । इसे व्लोग भी कहा जाता है
* ऑडियो ब्लोगिंग - इसमे mp3 और अन्य म्यूजिक सामग्री शब्दों की जगह उपयोग में लायी जाती है, इसे ऑडियो ब्लॉग , MP3 ब्लॉग भी कहते हैं
* मोब्लोगिंग - इन्हे मो-ब्लॉग भी कहते हैं इन ब्लोग्स पर कंटेंट अक्सर मोबाइल से पोस्ट किया जाता है ।

bitter-sweet-blog-lg podcasting
And

ब्लॉग के घटक सुर उनके कार्य

* इंडेक्स पेज - ब्लॉग का मुख्य प्रष्ट
* हेडर - ब्लॉग का सबसे उपरी हिस्सा , जिसपर आमतौर पर ब्लॉग का नाम , ब्यौरा और कोई चित्र होता है
* फूटर - ब्लॉग का सबसे निचला हिस्सा जिसको आमतौर पर नैविगेशन और कॉपीराइट निर्देशों को दिखने के लिए किया जाता है
* साइडबार - ब्लॉग पर मुख्या परमा लिंक आलावा एक या उससे अधिक कालम,जिसमे ब्लॉग फीड और विज्ञापन आदि लगाये जाते हैं
* लेबल/चिप्पियाँ - किसी एक विषय से जुड़े हुए लेखों का संग्रह
* पोस्ट , एंट्री,लेख - लेख ,जिससे ब्लॉग बनता है
* कमेंट्स टिप्पणियां - पाठकों के उस लेख या पोस्ट के बारे में विचार
* Captcha - “Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart” के लिए छोटा शब्द, ऐसा चित्र जो शब्दों के रूप में परिभाषित होता है ,और मानव और मचिनों को पहचानने में मदद करता है , ये स्पैम रोकने में काम आता है।
* पिंग - "Packet Internet Grouper" . ये अन्य ब्लॉग ढूँढने वाले तंत्रों को सूचित करता है, जब भी कोई नेइ सामग्री , टिप्पणियों या हवालों में परिवर्तन होता है ।
* ट्रैक बेक (हवाले ) - एक ऐसा तंत्र जिससे ये संदेश जाता है की आपका ये लेख इस चिट्ठे पर प्रकाशित है और लिंक उस चिट्ठे पर उपलब्ध है ।
* पिंग बेक - ट्रैक बेक देखें ।
* परमा लिंक - किसे लेख की लिंक ।
* टेग्स - एक जैसी पोस्ट को जोड़ने वाले शब्द,जो वर्गीकरण भी करते हैं ।
* टैग क्लाउड - चिप्पियों/ लेबल/या खोजशब्दों का समूह प्रदर्शन ।
* ब्लोगरोल - आपके पसंदीदा चिट्ठों की सूची , sidebar में ।
* साईडब्लॉग - एक छोटा ब्लॉग जो आपके सिदेबर में हो ,वहीं उसमें नए कंटेंट आयें ।
* टेम्पलेट - ब्लॉग के प्रदर्शन का तरीका ।
* ब्लॉग थिस - इस सुविधा से आप जिस ब्लॉग-पोस्ट को पड़ रहे हैं उसे ब्लॉग कर सकते हैं ।
* प्लगइन्स - ऐसी फाइल या फीचर जिसे अपने ब्लॉग पर लगा कर उपयोगिता या नई सुविधाएं जोड़ सकते हैं ।
* देशबोर्ड - जब आप अपने ब्लोगिंग पेज पर साइनइन करते हैं ,तो वोह पहला पेज जिसपर सभी टूल और विकल्प होते हैं ।
* Archives/अभिलेखागार - पुरानी पोस्ट की एक सूचि ,ये माह वार,दिन वार , या सालन कैसा भी हो सकता है ।
* Expandable post summaries /विस्तार योग्य पोस्ट सारांश - का प्रमुख भाग प्रथम पेज पर दिखाना ,शेष का लिंक देना ,जिस पर क्लिक कर पाठक पूरी पोस्ट देख सकता है ।
* FTP - file transfer protocol के लिए शार्टकट ।

वेब फीड्स

* वेब फीड - ऑनलाइन मिलने वाली एक ऐसी सदस्यता जिससे पाठक नया अद्यतन होने वाली सामग्री तुंरत प् सकता है ।
* RSS - अंतर्जाल समूहन के लिए उपयोग होने वाला एक वेब फीड फॉर्मेट । Really Simple Syndication (RSS 2.0) के लिए लघु रूप ( short form) Rich Site Summary (RSS 0.91, RSS 1.0) , RDF Site Summary (RSS 0.9 and 1.0). Wordpress generates RSS 2.0
* XML - eXtensible Markup Language के लिए लघु रूप . ब्लॉग सिंडिकेशन के लिए एक आम रूप से उपयोग होने वाली फीड ।
* RDF - Resource Description Framework के लिए लघु रूप . web content syndication का एक रूप ।
* Atom - एक और ब्लॉग फीड का रूप . Blogger आम तौर पर इसी में होती हैं ।
* OPML - Outline Processor Markup Language के लिए लघु रूप . ये एक XML फॉर्मेट फाइल है जो कई वेबसाइट सदस्यता और aggregator के बीच सद्स्य्स्ता आयत निर्यात का काम करता है ।
* Photofeed- एक ऐसी फीड जिसमे फोटो लगी हो ।

ब्लोगिंग सॉफ्टवेर / सेवा प्रदाता

* Blogger - गूगल द्वारा एक मुफ्त ब्लॉगिंग प्लेटफार्म.
* Blogspot -name.blogspot.com में मुफ्त ब्लॉगर होस्टिंग ब्लॉग
* LiveJournal - SixApart द्वारा एक मुफ्त ब्लॉगिंग प्लेटफार्म.
* Movable Type - SixApart की सशुल्क ब्लोगिंग सेवा
* Typepad - SixApart की सशुल्क ब्लोगिंग सेवा
* Wordpress.org- निशुल्क . ब्लोगिंग सेवा
* Wordpress.com - निशुल्क वर्डप्रेस ब्लॉग
* Radio Userland - एक और ब्लॉग पब्लिशिंग सॉफ्टवेर
* Windows live Writer - माइक्रोसॉफ्ट का ब्लॉग लेखन सॉफ्टवेर

2_thumb30

blogger-logo
wordpress typepad_logo



ब्लोग्स के प्रकार

* ग्रुप ब्लॉग - ऐसा ब्लॉग जिसमे एक से ज्यादा ब्लोगेर योगदान देते हों ।
* इवेंट ब्लॉग - किसी एक घटना या वृत्तान्त पर केंद्रित ब्लॉग।
* Celeblog - सलेब्रिटिस पर फोकस ब्लॉग ।
* सलेब्रिब्लोग Celebriblog - सेलेब्रिटी द्वारा संचालित ब्लॉग ।
* Indi Blog - भारतीय भाषा या भारत में लिखा गया ब्लॉग ।
* Plog - निजी ब्लॉग ।
* Movlogs - मोबाइल विडियो ब्लॉग ।
* Splog- स्पैम ब्लॉग ।
* Tech blog - तकनीकी विषय पर केंद्रित ब्लॉग ।
* Anonoblog - एक गुमनाम ब्लॉगर द्वारा ।
* Linguablog - भाषाविज्ञान, अनुवाद आदि के बारे में ब्लॉग ।
* Metablog - ब्लोगिंग के बारे में ब्लॉग ।
* Milblog - मिलिट्री ब्लॉग ।
* Blawg - वकील द्वारा संचालित ब्लॉग / कानूनी सामान से संबंधित ब्लॉग ।
* Edu-blog - सिक्षा सम्बन्धी ब्लॉग ।

* Progblog - एक प्रगतिशील ब्लॉग ।
* Shocklog - चौकाने वाली सामग्री पोस्ट कर चर्चा भड़काने वाला ब्लॉग ।
* Klog - ज्ञान वर्धन से सम्बंधित ब्लॉग ।
* Blogsite - एक ऐसी साईट जो कई ब्लोगों की सामग्री जोड़ती है ।
* Dark Blog- ऐसा ब्लॉग जो आम लोगों के लिए बंद है ।
* Photocast- फोटो ब्लॉग जो नई फोटोस के अपलोड होने पर स्वतः अद्यतन हो जाए ।

ब्लोगेर्स की आदतें

* Metablogging - ब्लोगिंग के बारे में लेख लिखना ।
* Blogstipation - लगातार ब्लॉग लिखने में असमर्थ , क्या लिखें समझ नही आता ?
* Blogathy - में आज पोस्ट नही करूँगा , मुझे इससे फरक नही पड़ता !
* Blogopotamus - बहुत लम्बी ब्लॉग पोस्ट ।
* Blogorrhea - लेख का असामान्य रूप से अधिक हो जाना ।
* Bleg - सहायता पाने के लिए ब्लोगिंग करना ।
* Hitnosis - अपने ब्लॉग को बार बार रिफ्रेश करना,ये देखने के लिए के हिट्स कितने बड़े या कॉमेंट्स कितने बड़े । !!
* GAD - Google Adsense Disorder. बार बार अपने एडसेंस अकाउंट को चेक करना की कितना पैसा बड़ा ।
* Blego - Blog+Ego. ब्लॉग की कीमत जानना , अलग अलग वेबसाइट पर जाकर , अपने ब्लॉग पर दिखाना ।
* Blog hopping - एक ब्लॉग से दूसरे ब्लॉग पर जाना ।
* Blogroach - ऐसे टिप्पणीकार जो पोस्ट की गई सामग्री से बुरी तरह से असहमत हैं ।
* Blogoholic - ब्लोगिंग का नशा होना ।
* Blogorific = ऐसी सामग्री जिसे ब्लागर कमल की बताएं ।
* Blogsit - ऐसा ब्लॉग चलाना जिसका प्राथमिक ब्लोगर छुट्टी पर हो या ब्लोगिंग न कर रहा हो ।
* Blogvertising - ब्लॉग पर विज्ञापन करना ।
* Blurker - ऐसा पाठक जो सिर्फ़ लेख पढता है , कमेन्ट नही करता।
* Blogathon - ब्लॉग को हर आधे घंटे में अद्यतन करना ।
* Blogiversary - ब्लॉग का जन्मदिन ।
* Blog Carnival - किसी विशेष विषय के लेखों की लिंक देना ।
* Multiblog - कई ब्लोग्स चलाना ।
* Blog Tipping - नए ब्लोग्स को या अन्य ब्लोग्स को बधाई देना ।
* Blogger bash - ब्लोगर्स की पार्टी ।
* Commenter - जो टिपण्णी करे ।
* Reciprocal Links - तुम मुझे लिंक करो,में तुम्हे लिंक करूँगा, और हम दोनों की रंकिंग बढ़ने लगेगी
* Linkbaiting - अच्छा कंटेंट लिखना ,इस आशय से की कई ब्लोग्स या साईट से मुझे लिंक करेंगे ।
* Blogstorm - किसी विवाद के कारण अधिक ब्लॉग गतिविधि इसे blog swarm. भी कहते हैं ।
* Blogsnob - गैर मित्रों को टिपण्णी पर प्रतिक्रिया न करना ।
* Doppelblogger - .किसी अन्य ब्लॉग से सामग्री चोरी कर प्रकाशित करना , ब्लॉग चोर ।
* Blogophobia - ब्लॉग एयर ब्लोगिंग का डर ।
* Bloggerel - एक ही राय ब्लॉग पर दोबारा प्रकाशित करना ।

ब्लोगर्स के प्रकार

* Problogger - पेशेवर ब्लोगर
* Blognoscenti - विशिष्ठ ज्ञानी ब्लोगर
* Blogebrity - एक प्रसिद्ध ब्लोगर
* Blogerati - ब्लॉग जगत के बुद्धिजीवी
* Commentariat - टिप्पणियों छोड़ने वालों का समुदाय.
* Dooced - ब्लॉग प्रविष्टियों की वजह से एक नौकरी खोना ।
* Blogther - एक साथी ब्लॉगर ।
* A-List- ब्लॉग जगत के शीर्ष ब्लोगर ।
* Blogstar- एक लोकप्रिय ब्लॉग चलाने वाला ब्लागर ।

अन्य ब्लोगिंग शब्द

* Bloggies- सालाना ब्लोगिंग अवार्ड ।
* MSM - Mainstream Media,मुख्यधारा का मीडिया ।
* BSM - Blogstream media. सबसे ज्यादा पाठकों वाले ब्लॉग से ।
* Blog Day - 31 August. ३१ अगस्त
* Blaudience - आपके ब्लॉग पाठक ।
* Blargon - Blogssary भी कहा जाता है . ये जो आप पढ़ रहे हैं ।
* Blogiverse - ब्लॉग जगत , चिटठा जगत ।
* XFN - XHTML के लिए लघु रूप , मित्रों का समूह, हाइपरलिंक के मध्यम से बताया जा सकता है ।
* Blogonomics - blogging conference on a Blog Cruise in 2006.
* EFF - Electronic Frontier Foundation के लिए लघु रूप . ब्लोगर्स के अधिकारों के लिए एक गैर मभ्कारी संस्था ।
* Blog of Note - a सिफारिशी ब्लॉग . ब्लोगेर द्वारा घोषित ।
* Navbar - एक नैविगेशन बार , आम तौर पर ब्लोगेर ब्लोग्स के ऊपर देखा जाता है ।
* Blook - ब्लॉग से बनाये गए एक पुस्तक ।
* Hat Tip- जहाँ से सामग्री ली है उसे श्रेय देना ।
* Spomments-स्पैम टिप्पणियाँ ।
* Blammer- ब्लॉग स्पमेर ।
* Blogiday- ब्लॉग से थक कर छुट्टी लेना ।

ब्लोगिंग उपकरण और सेवाएं

* Bloglines, Rojo, Newsgator, Kinja, ब्लागवाणी ,चिट्ठाजगत , हिन्दिब्लोग्स.कॉम , टेक्नोराटी , ये सभी ब्लॉग अग्रीगेटर हैं , ये सदस्य ब्लोग्स से पिंग के मध्यम से फीड इकट्ठी करता है और दिखता है, साथ ही जिन लोगों ने किसी विशेष ब्लॉग की सदस्यता ली है उन तक नया माल भी पहुंचाते हैं ।
* Pageflakes, Newsvine - एक ही पेज पर कई वेबसाइट्स को पिंग करने का माध्यम ।
* Odeo, Podnova - ये पोड फेचर कहलाते हैं,जो नया पॉडकास्ट कंटेंट आते ही खींचते हैं , और दिखता है ।
* Feedburner - ये गूगल की एक फीड मैनेजमेंट प्रणाली ।
* Pingomatic, Pingoat - एक ही पेज पर कई वेबसाइट्स को पिंग करने का माध्यम ।
* Feedblitz, Zokooda - ये एक फीड मैनेजमेंट प्रणाली , पाठकों तक ईमेल भी पहुंचती है ।
* Technorati - एक सर्च इंजन जो ब्लॉग जगत में की हो रहा है , बताता रहता है ।
* Adsense, Adbrite, CJ, Chitka, Blogads - ऐसे साइट्स या बोलग जो अलग अलग कार्यक्रमों के माध्यम से पैसा कमाने का मौका देते हैं ।
* Sphere, Icerocket - ब्लॉग सर्च इंजन ।
* Live Bookmarks - फायर फॉक्स की सुविधा , जो नई सामग्री आने पर अपने आप ही अपडेट हो जाती है ।
* Creative Commons - "कुछ अधिकार रक्षित" के दृष्टिकोण से ,ब्लॉग लेखकों को अपनी सामग्री की सुरक्षा और स्वतंत्रता प्रदान करने का अधिकार ।
* CoComment - विभिन्न ब्लोग्स पर की गई टिपण्णी को इकठ्ठा करने और उनकी प्रतिक्रिया जानने का माध्यम ।
* WBloggar, Ecto, Qumanna - desktop blog publishing tools
* Mint, Mybloglog, Measuremap, Analytics ,statcounter,histats - ट्राफिक पता लगाने के उपकरण ।
* Haloscan- निशुल्क trackback सेवा ।
* YouTube, Rapidshare- ब्लॉग पर विडियो लगायें ।
* Flickr, Imageshack, photobucket - तस्वीरें साझा करने के लिए सेवा , अपने ब्लॉग की तसवीरें इन पर होस्ट कर सकते हैं ।
* Del.icio.us, furl, spurl - सोशल बुकमार्क साझा करने के लिए ।
* Bloggoggle - पेशेवर ब्लॉगिंग की निर्देशिका ।
* BlogHer - महिलाओं का सबसे बड़ा ब्लॉग ।

कुछ और शब्द-छूट न जायें

* Digged - digg.com से ट्राफिक अपने ब्लॉग पर ला सकते हैं,लिंक पोस्ट करके
* Slashdotted - slashdot.org से ट्राफिक अपने ब्लॉग पर ला सकते हैं,लिंक पोस्ट करके ।
* Instalanche - instapundit.com से ट्राफिक अपने ब्लॉग पर ला सकते हैं ,लिंक पोस्ट करके ।
* Farked - fark.com से ट्राफिक अपने ब्लॉग पर ला सकते हैं ,लिंक पोस्ट करके
* Boing Boinged - boingboing.net link posted on ,लिंक पोस्ट करके

अन्तिम विविध ब्लोगिंग शब्द

* Ajax - Asynchronous JavaScript and XML के लिए लघु रूप , ब्लॉग पर अतिरिक्त functanality के लिए ।
* Greasemonkey - a firefox web browser extension जो किसी भी वेबसाइट की फुन्क्ट्नालिटी में परिवर्तन कर सकता है ।
* SEO - search engine optimization. सर्च रंकिंग बढाने के लिए ।
* Page Rank - गूगल पेज की महत्ता के हिसाब से पेज रेंक निर्धारित करता है ।
इस पोस्ट में ब्लोगिंग से जुड़े कई शब्द हिन्दी में समझाने की कोशिश की गई है फ़िर भी कुछ छूट सकता है , इस पोस्ट में हिन्दी भाषा में त्रुटियां ज़रूर हैं, कुछ नए शब्द मिलें तो बताएं , हमें उन्हें शामिल करने और बदलने मैं खुशी होगी ।

नए लेख ईमेल से पाएं
चिटठाजगत पर पसंद करें
टेक्नोराती पर पसंद करें
इस के मित्र ब्लॉग बनें

शर्म आने लगी है ऐसे भेड़ियों को चुनने में

पंद्रहवें आम चुनाव के लिए हो रहे चुनाव प्रचार में राजनेताओं का जो वाकयुद्ध हो रहा है उसमें विचारधारा, नीतियॉंऔर आम आदमी के मुद्दे नदारद हैं। यहॉं तो बस सड़कछाप गुण्डों की तरह लड़ाई छिड़ी दिख रही है। जो बीच बाज़ारएक-दूसरे को गाली दिए जा रहे हैं, बिना इस बात की चिंता किए कि सड़क से गुजरने वाले दूसरे लोग उन्हें क्याबोलेंगे। आडवाणी कह रहे हैं कि मनमोहन कमजोर प्रधानमंत्री हैं और सोनिया कह रही हैं आडवाणी आरएसएस केगुलाम हैं। एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए जिससे जो संभव हो रहा है वो कर रहा है और कह रहा है। किसीकोइस बात की चिंता नहीं है कि देश की जनता को इसी कमजोर प्रधानमंत्री और आरएसएस के गुलाम में से किसीएक को देश की बागडोर सौंपनी है। चाहे कांग्रेस हो या भाजपा या तीसरे मोर्चे के नेता। किसी को इस बात की फिकरनहीं है कि आजादी के परवानों ने इस देश में एक ऐसे लोकतंत्र की नींव रखी है जिसमें जनता ही जनार्दन है। लेकिन बरस बाद लगता है कि हमारे नेताओं को लोकतंत्र की अवधारणा याद नहीं रह गई है। लोकतंत्र का दिल लोकसेवा है। लेकिन अब तो नेताओं के भाषण और उनकी करतूतें देखकर लग रहा है कि ये सब राजसत्ता के भूखे भेड़िए हैं। इन्हें देश की जनता के ईमान से कोई सरोकार नहीं। सब के सब एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं।सब दूसरे की थाली में छेद ढूंढ रहे हैं। देश की तरक्की का खाका किसी के पास नहीं है। किसी को 62 सालों के इसआजाद दौर की परवाह नहीं। इस बात पर किसी को शर्म नहीं आ रही है कि इतने सालों बाद भी हम कहॉं खड़े हैं।राजनीतिक दलों के ऐजेण्डे लोकलुभावन वादे से अटे पड़े हैं। कोई कह रहा है हम 2 रुपए किलों खाद्यान्न देंगे तोकोई एक रुपए किलो देने की बात कह रहा है। लेकिन इनको इस बात की कोई परवाह नहीं कि अभी तक आप जो रुपए और 4 रुपए किलो दे रहे थे क्या वो उन जरुरतमंदों तक सही अनुपात और समय पर पहुँच पाया। अगरनहीं पहुँच पाया तो कौन है इसके लिए जिम्मेदार। सत्ता सुंदरी के साथ शयन करने की इनकी कामना ने इन्हें अंधाबना दिया है। इनके आक्षेप के केन्द्र में विचारधाराएं और सिद्धांत नहीं `बुढ़िया´ और `गुड़िया´ आ गई है। बेहतर होगा यदि नेता अपनी बयानबाजियों से लोकतंत्र के सवा अरब नुमाइंदों को शर्मिंदा न करें। क्योंकि इनकी बात सुनकर अब हमें इस बात पर शर्म आने लगी है कि हम इस लोकतंत्र के लोक हैं, जो ऐसे भूखे भेडियों को अपने मतसे चुनकद संसद और विधानमंडलों तक भेजते हैं। ऐसे भेड़िए जिन्हें अपनी कुर्सी के आगे देश की अस्मिता और गरिमा सब कमतर लगे।

नए लेख ईमेल से पाएं
चिटठाजगत पर पसंद करें
टेक्नोराती पर पसंद करें
इस के मित्र ब्लॉग बनें