अंतिम इच्छा

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टी वी पर खबर है /
सद्दाम हुसैन को /
फांसी पर लटका दिया गया /

और ठीक उस वक्त /
जब सद्दाम को /
फांसी दी जा रही थी /
शान्ति का मसीहा /
जोर्ज बुश /
खर्राटे भर रहा था /
अपनी आरामगाह में /
अमन और चैन /
सुनिश्चित करने के बाद /

वो डूबा हुआ था /
हसीं सपनों में /
जहाँ मौजूद होंगी /
दजला और फरात/
जलक्रीडा के अनेक साधनों में /
उनकी नवीनतम पहुँच /

याकि वो खुद /
बग़दाद के बाज़ार में /
अपनी बंदूकों के साथ /
सड़क के किनारे /

संसार के सबसे शक्तिशाली /
लोकतान्त्रिक राजा की तरफ से /
शेष विश्व को यह था /
बकरीद और नववर्ष /
का तोहफा... /
उसकी वैश्विक चिंताओं /
और करुना का नमूना /

जोर्ज डब्ल्यू बुश /
इस धरती का सबसे /
नया भगवान् /
पूछ रहा है... /
हमारी अंतिम इच्छा
(यह कविता मैंने ३० दिसंबर २००६ को लिखी थी जिस दिन सदाम हुसैन को फांसी दी गयी थी)




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4 Response to अंतिम इच्छा

12:36 PM, December 30, 2009

nice [Reply]

3:23 PM, December 30, 2009

दुनिया के सब से बडे शेतान कहिये बाबा [Reply]

8:17 PM, December 30, 2009

भगवान???


मुझसे किसी ने पूछा
तुम सबको टिप्पणियाँ देते रहते हो,
तुम्हें क्या मिलता है..
मैंने हंस कर कहा:
देना लेना तो व्यापार है..
जो देकर कुछ न मांगे
वो ही तो प्यार हैं.


नव वर्ष की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ. [Reply]

5:15 PM, January 04, 2010

bahut sunder bhaai saab.....happy new year... [Reply]

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