
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। लोकतंत्र का यह उत्सव लगभग डेढ़ महीने चलेगा। मतदान पांच चरणो में संपन्न होगा। पहले चरण में 124 सीट, दूसरे में 141 सीट, तीसरे में 107 सीट, चौथे में 85 सीट, पांचवे में 86 सीट पर मतदान होगा। उत्तर प्रदेश और जम्मू कश्मीर में पांच चरणों में चुनाव होंगे जबकि बिहार में चार, महाराष्ट्र और पिश्चम बंगाल में तीन, आंध्रप्रदेश, असम, झारखंड, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मणिपुर, उड़ीसा और पंजाब में दो चरणों में मतदान होगा। शेष राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एक चरण में मतदान होगा। आंध्रप्रदेश, सिक्किम और उड़ीसा के विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव के साथ-साथ संपन्न होंगे। मतदान 16 अप्रैल, 23 अप्रैल, 30 अप्रैल, 7 मई और 13 मई को होगा। सभी सीटों की मतगणना 16मई को होगी। 1 जून को 14वीं लोकसभा चुनाव का कार्यकाल खत्म हो रहा है, 2 जून को नई लोकसभा का गठन किया जाना है। 499 सीटों पर नए परिसीमन के तहत चुनाव होंगे। मतदान के लिए लगभग 8 लाख 28 हजार बूथ बनाए जाएंगे।
पंद्रहवी लोकसभा के लिए लगभग 71 करोड़ मतदाता अपने मतदान अधिकार का सामना कर सकेंगे, इनकी संख्या पिछले आम चुनाव से चार करोड़ तीस लाख अधिक है। आयोग पहली बार 522 सीटों पर फोटो परिचय पत्र के साथ फोटो मतदाता सूची का इस्तेमाल करेगा। सभी मतदाता मतदान कर सकें इसके लिए आयोग अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। उसने गुजरात के गिर के जंगलों में एक वोटर के लिए भी पोलिंग बूथ बनाया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले, झारखण्ड के कुछ जिले और अरूणाचल प्रदेश में कई पोलिंग बूथ केवल तीन-तीन मतदाता के लिए बनाए गए हैं। चुनाव के लिए लगभग 40 लाख कर्मचारियों की जरूरत होगी तो चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की जिम्मेदारी लगभग 21 लाख जवान संभालेंगे।
पहले चरण के नामांकन के लिए अधिसूचना 23 मार्च को जारी हो जाएगी जबकि दूसरे चरण की 28 मार्च, तीसरे चरण की 2 अप्रैल, चौथे चरण की 11 अप्रैल और पांचवे चरण के लिए 17 अप्रैल को अधिसूचना जारी होगी।
No comments:
Post a Comment